केदारनाथ यात्रा से लौट रही प्रज्ञा ट्रेन से रहस्यमयी तरीके से हुई थीं गायब, 6 दिन बाद बिहार में मिलीं सुरक्षित; अब भी बरकरार कई सवाल

केदारनाथ यात्रा से पति के साथ लौट रही 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह के अचानक ट्रेन से लापता होने का मामला आखिरकार छह दिन बाद नया मोड़ ले आया। रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुईं प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं। उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें अपने संरक्षण में ले लिया है और परिवार को इसकी जानकारी दे दी गई है। हालांकि महिला के सुरक्षित मिलने के बावजूद मामला अब भी कई सवाल खड़े कर रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि चलती ट्रेन से अचानक गायब हुई प्रज्ञा सैकड़ों किलोमीटर दूर बिहार कैसे पहुंचीं और इन छह दिनों में उनके साथ क्या हुआ?

पति के साथ लौट रही थीं प्रज्ञा

जानकारी के मुताबिक, 5 मई की रात प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी कर देहरादून से गाजियाबाद लौट रही थीं। दोनों नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे। फरवरी में दोनों की लव मैरिज हुई थी और यात्रा के बाद वे वापस घर लौट रहे थे।

पति मनीष ने पुलिस को बताया कि हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही। इसके बाद वह सो गए। जब उनकी आंख मुजफ्फरनगर के पास खुली तो प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं।

ट्रेन में तलाश, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग

शुरुआत में मनीष को लगा कि प्रज्ञा वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर उन्होंने पूरे कोच में तलाश शुरू की। दोनों वॉशरूम चेक किए गए और आसपास के यात्रियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन किसी को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

इसी दौरान पता चला कि प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी बंद है। ट्रेन अगले स्टेशन पर रुकी तो प्लेटफॉर्म पर भी तलाश की गई, लेकिन वहां भी कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और मामला रुड़की कोतवाली तक पहुंचा, जहां औपचारिक रूप से गुमशुदगी दर्ज की गई।

CCTV कैमरे बंद होने से जांच अटकी

जांच शुरू होते ही पुलिस के सामने सबसे बड़ी मुश्किल सीसीटीवी कैमरों की खराब हालत बनकर सामने आई। बताया गया कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के कई कैमरे बंद थे, जिसकी वजह से यह साफ नहीं हो सका कि प्रज्ञा ट्रेन से खुद उतरीं या किसी ने उन्हें उतारा।

पति मनीष ने भी आरोप लगाया कि कैमरे खराब होने की वजह से जांच बुरी तरह प्रभावित हुई। पुलिस ने रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

जांच एजेंसियों ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले, लेकिन किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। धीरे-धीरे यह मामला पुलिस के लिए एक ब्लाइंड केस बनता जा रहा था।

6 दिन बाद बेगूसराय में मिलीं सुरक्षित

लगातार छह दिनों तक चली तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा बिहार के बेगूसराय में हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पति मनीष ने भी इसकी पुष्टि की और बताया कि पुलिस ने परिवार को सूचना दे दी है। पिछले कई दिनों से रुड़की में डेरा डाले बैठे परिवार ने महिला के सुरक्षित मिलने के बाद राहत की सांस ली है।

अब सबसे अहम होगा प्रज्ञा का बयान

हालांकि प्रज्ञा के सुरक्षित मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन रहस्य अब भी कायम है। पुलिस अब उनका विस्तृत बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है, जिसे पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।

जांच एजेंसियां फिलहाल तीन संभावनाओं पर काम कर रही हैं—क्या प्रज्ञा खुद किसी निजी कारण से ट्रेन छोड़कर चली गई थीं, क्या उन पर किसी तरह का दबाव था या फिर इस मामले में कोई ऐसा पहलू है जो अब तक सामने नहीं आया।

पुलिस का कहना है कि प्रज्ञा के बयान के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मुजफ्फरनगर के पास ट्रेन से गायब होने के बाद वह बेगूसराय तक कैसे पहुंचीं।

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